कुलथी दाल के 10 चमत्कारी फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

Kulthi Dal Benefits in Hindi – कुल्थी, कुलथी या कुलथ दाल दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला एक सुपरफूड है। यह भारत में कई नामों से प्रचलित है जैसे – हिंदी में (kulthi ki dal in hindi) कुलथी, कुलथ, खरथी, गराहट। संस्कृत में कुलत्थिका, कुलत्थ। गुजराती में कुलथी। kulthi dal in marathi – हुलगा, कुलिथ। उत्तराखंड की स्थानीय भाषा में “गहत कहते हैं। kulthi dal in bengali – कुर्तीकलाई। वहीं अंग्रेजी में (kulthi dal in english) Horse Gram कहते हैं।

Kulthi Dal Scientific Name – कुलथी दाल का वैज्ञानिक नाम मैक्रोटिलोमा यूनिफ्लोरम (Macrotyloma uniflorum) है।

kulth dal benefits in hindi – कुलथी दाल के फायदे की बात की जाए तो यह कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, प्रोटीन, आहार फाइबर, कैल्शियम, वसा, आयरन, कैलोरी, विटामिन जैसे थियामिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन होता है जिसके कारण इसे सुपर फ़ूड कहते है।

कुलथी दाल के पौष्टिक तत्व

पोषक तत्वमात्रा प्रति ग्राम
ऊर्जा321 kacl
पानी12g
प्रोटीन22g
फैट0g
मिनरल्स3g
फाइबर5g
कैल्शियम287mg
आयरन7mg
कार्बोहाइड्रेट57g
फास्‍फोरस311g

कुलथी दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

कुलथी दाल (kulthi ki dal benefits) का सबसे बड़ा फायदा किडनी स्टोन के लिये है। लेकिन इसमें पाया जाने वाले विभिन्न पोषक तत्वों के कारण कुलथी दाल शरीर की अन्य समस्याओं के समाधान में भी मदद करता है। लेख में आगे पढ़िये कुलथी दाल के फायदे…

1. पथरी में कुल्थी दाल के फायदे – Kulthi dal benefits in kidney stone

pathri me kulthi dal
pathri me kulthi dal

कुलथी दाल फॉर किडनी स्टोन – किडनी स्टोन (kulthi dal for kidney stone in hindi) में कुल्थी की दाल की फलियों को पानी में भिगोकर, मसलने के बाद उसके पानी को पीने से पथरी की समस्या दूर हो जाती है। किडनी स्टोन कैल्शियम ऑक्सालेट नामक यौगिक का एक संयोजन है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह दाल किडनी में कैल्शियम ऑक्सलेट पथरी को बनने से रोकती है। इसके लिए Kulthi ki dal को भिगो कर पी सकते हैं। साथ ही पकी हुई कुलथी की दाल का नियमित रूप से सेवन करने से यह समस्या खत्म हो सकती है(1)

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, कुलथी दाल एक कारगर मूत्रवर्धक यानी पेशाब को बढ़ावा देने वाला प्रभाव के रूप में काम करती है, जो पेशाब के रास्ते किडनी स्टोन को निकालने का काम कर सकती है(2)

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2. सर्दी जुकाम में कुलथी दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

इम्यूनिटी कम होने के कारण सर्दी जुकाम की समस्या सबसे ज्यादा होती है। कुलथी की दाल की तासीर गर्म होने के कारण यह गले में संक्रमण, बुखार, जुकाम, खांसी की समस्या से निजात दिलाती है। गर्म दाल या दाल का पानी पीने से इन सभी बिमारियों से मुक्ति मिलती हैं। सूप श्लेष्म झिल्ली को नरम करने और श्लेष्म पिघलाने में मदद करता है जिससे नाक को खोलने में मदद मिलती है। इसके सेवन से सांस लेने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें मौजूद आवश्यक पोषक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और प्रतिरक्षा को मजबूत करते हैं(7)(8)

3. अनियमित पीरियड्स (महावारी) में कुलथी दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

एक रिपोर्ट के अनुसार, मानसिक व शारीरिक तनाव अनियमित माहवारी का कारण बन सकता है। कुलथी दाल में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जो तनाव, अवसाद और चिंता को कम करता है(9)

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4. पाइल्स में कुलथी का दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

पाइल्स की समस्या को दूर करने के लिये कुलथी के जूस का सेवन कर सकते हैं। इससे गण्डमाला (Scrofula), अर्श , आमवात (Rheumatoid arthritis) तथा संधिवात में लाभ मिल सकता है। इसके अलावा कुलथी दाल को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाना चाहिये इससे लाभ मिलता है। इसके अलावा कुलथी दाल को भिगोकर उसका पानी या कच्ची दाल खाने से लाभ मिल सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाइल्स का इलाज करने में मदद करती है।

5. पेट संबंधी समस्याओं में कुल्थी दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

  • पाचन, एसिडिटी, पेट फूलने, आंतों के कीड़ों संबंधी किसी भी समस्या से समाधान पाने के लिये कुलथ दाल का इस्तेमाल करना चाहिये।
  • पेट में किसी भी प्रकार का घाव होने दर्द से राहत के लिये Kulath dal का सेवन कर सकते हैं।
  • डायरिया से निजात पाने के लिये kulath dal का प्रयोग कर सकते हैं। यह फ्लेवोनॉयड जैसे तत्वों से भरपूर होती है, जो एंटी-डायरिया के रूप में काम करती है(6)। 
kulthi-dal-benefits
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  • फ्लेवोनॉयड एंटी-अल्सर की तरह भी काम करता है।
  • kulthi ki dal फाइबर से भरपूर होती है, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है। फाइबर स्टूल को मुलायम बनाता है और मल त्याग की प्रक्रिया को सरल बनाता है।

पढ़ें – फाइबर फूड्स कौन से है? – Fiber Foods in Hindi

6. त्वचा संबंधी समस्याओं में कुल्थी दाल के फायदे – Benefiys of Kulthi dal in Hindi

  • कुल्थी दाल को पीसकर लगाने से लाल चकत्तों और फोड़े-फुंसियों खत्म होती हैं(10)
  • कुलथी दाल में पाये जाने वाले फ्लेवोनॉयड के कारण यह त्वचा को सूर्य की पैराबैंगनी किरणों से बचाता है(11)(12)

7. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करती है कुल्थी दाल (Kulath Dal Benefits for cholesterol)

कुलथी की दाल फाइबर से समृद्ध होती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है। यह LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने और HDL (अच्छE कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाने का काम करती है। कुलथी दाल प्रोटीन से समृद्ध है जो hypocholesterolemic प्रभाव को रोकता है। (हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिक वो स्थिति है, जिसके अंतर्गत रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पहले से ही कम रहती है।) (5)

8. मधुमेह भगाने में कुलथ दाल के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

  • रिपोर्ट के अनुसार, कुलथ दाल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मधुमेह को कम कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कुलथी टाइप 2 डायबिटीज वालों के लिये भी फायदेमंद है(3)
  • कुलथी दाल रेजिस्टेंस स्टॉर्च से भी समृद्ध होती है। यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा करके व इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करके पोस्टपेंडिअल हाइपरग्लाइसेमिया (भोजन के बाद ब्लड शुगर की अधिकता) को कम कर सकती है। इससे डायबिटीज पेशेंट को फायदा मिलता है।

9. रजोरोध में कुल्थी के फायदे – Kulthi Dal Benefits in Hindi

कुलथी दाल के काढ़े का सेवन करने से आर्तव अवरोध (रजोरोध) तथा श्वेत प्रदर (लिकोरिया), मासिक विकार तथा शीतज्वर से राहत पाने में मदद मिलती है।

10. वजन घटाने में मददगार कुलथ दाल – Kulthi Dal Benefits in Hindi

Kulthi Dal फाइबर से समृद्ध होती है। रिपोर्ट के अनुसार, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ मोटापे के बढ़ते स्तर को घटाने का काम कर सकते हैं। इसमें मौजूद स्टार्च का पाचन काफी धीमा होने के कारण जल्दी भूख नहीं लगती है। कुलथी फैट बर्निंग में भी सहायक है। कुलथी दाल के पाउडर में जीरा पाउडर के साथ मिलाकर पीने से वजन घटता है। कुलथी दाल का सेवन मेधा धातू (बॉडी फैट) और कफ को कम करने में मदद करता है जो मोटापे का कारण होता हैं(4) (पढ़ें – वजन घटाने के लिये क्या खाएं)

कुलथी दाल के नुकसान – kulthi dal side effects in hindi

अभी तक आपने जाना Kulthi Dal Benefits in Hindi। लेकिन कोई चीज को गलत तरीके से या अधिक मात्रा में खाने से उसके नुकसान भी हो सकते हैं। आगे पढ़ें कुलथी दाल के नुकसान…

  • कुलत्थ दाल का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों, गर्भवती स्त्री को नहीं करना चाहिये।
  • ब्लीडिंग संबंधी समस्याओं जैसे नाक से खून आना, पीरियड्स में अधिक रक्तस्राव आदि से परेशान हैं उनको Kulthi ki dal का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • एनीमिया के मरीजों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्षय रोग, गर्भवती महिला, बांझपन का इलाज करवा रहे पुरुषों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

कुलथी की दाल बनाने की विधि – Kulthi Dal Recipe in Hindi

नीचे बताई गई कुलथी दाल बनाने की विधि 5 लोगों के लिये है।

कुलथी दाल बनाने की सामग्री

  • एक कटोरी साफ कुल्थी की दाल
  • सेहत के अनुसार नमक
  • एक छोटी प्याज़ – बारीक कटी हुई
  • 2 टमाटर – बारीक़ कटा हुआ
  • 2 हरी मिर्च – बारीक़ कटी हुई
  • 6-7 लहसुन – बारीक़ कटा हुआ
  • एक टुकड़ा अदरक – बारीक़ कटा हुआ
  • आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • आधा चम्मच गरम मसाला
  • आधा छोटा चम्मच जीरा
  • चुटकी भर हींग
  • सेहत के अनुसार तेल

कुलथी दाल बनाने की विधि

  • दाल को नमक डालकर 20 मिनट कम आँच पर उबालें।
  • दूसरी ओर एक पैन में तेल गरम करें।
  • उसमें हींग, जीरा, प्याज़, लहसुन, अदरक औऱ हरी मिर्च डालकर भूनें।
  • अब इसमें साभी पाउडर मसाले डालकर तेल दिखने तक मसाला भूनें।
  • अब उबली हुई दाल को पैंन में डालकर एक उबाल आने दें।
  • अब इसे गर्मा गरम सर्व करें।
  • गार्निशिंग के लिये हरी धनिया डाल सकते हैं।

कुलथी दाल के फायदे जानने के लिये देखें वीडियो –

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

कुल्थी दाल के अन्य नाम क्या हैं ?

हिंदी में कुलथ, कुलथी, गराहट ,कुल्थी और खरथी आदि कहते हैं | संस्कृत में कुलत्थिका, कुलत्थ | गुजराती में कुलथी | मराठी में हुलगा, कुलिथ, उत्तराखंड की स्थानीय भाषा में “गहत” तथा अंग्रेजी में Horse gram कहा जाता है।

कुल्थी की दाल कौन सी होती है ?

कुलथी दाल दक्षिण भारत में अधिक पायी जाती है। यह मसूर की दाल की तरह लगती है। कुल्थी दिखने में गहरी भूरी कलर की होती है। अंग्रेजी में इसे horse gram कहते हैं।

कुलथी दाल के क्या फायदे हैं?

कुल्थी दाल में प्रोटीन और फाइबर अधिक पाया जाता है। इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होता है और यह पथरी में फायदेमंद मानी जाती है।

कुलथी की दाल कहाँ मिलती है ?

वैसे कुलथी दाल ज्यादा दक्षिण भारत में तमिलनाडु, आँध्रप्रदेश और कर्णाटक पायी जाती है। लेकिन इन सबके अलावा इसे मध्य प्रदेश, बिहार बंगाल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी उगाया जाता है।

संदर्भ –

  1. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a review – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  2. Horse Gram / Kulthi Dal-A lentil unexplored –https://www.researchgate.net/publication/332751771_Horse_Gram_Kulthi_Dal-A_lentil_unexplored
  3. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a review –https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  4. Development of ready to eat snack enriched with horse gram – https://www.researchgate.net/publication/347489533_Development_of_ready_to_eat_snack_enriched_with_horsegram
  5. Cholesterol-lowering effects of dietary fiber: a meta-analysis – https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/9925120/
  6. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a reviewhttps://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  7. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a review – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  8. Horse Gram / Kulthi Dal-A lentil unexplored – https://www.researchgate.net/publication/332751771_Horse_Gram_Kulthi_Dal-A_lentil_unexplored
  9. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a review – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  10. Horse Gram / Kulthi Dal-A lentil unexplored – https://www.researchgate.net/publication/332751771_Horse_Gram_Kulthi_Dal-A_lentil_unexplored
  11. Horse gram- an underutilized nutraceutical pulse crop: a review – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4397296/
  12. Flavonoids and Skin Health – https://lpi.oregonstate.edu/mic/health-disease/skin-health/flavonoids

Disclaimer: इस आर्टिकल का मकसद लोगों तक जानकारी पहुंचाना है। अगर आप किसी गंभीर बीमारी, एलर्जी या अन्य किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो लेख में दिए गए उपचार को करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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